संवाददाता आलोक निगम

उन्नाव जनपद के विकासखंड पुरवा के अंतर्गत गरीब निर्बल असहाय व्यक्ति अपनी जिंदगी को कैसे गुजर बसर करते हैं यह तो आपके संज्ञान होगा।

गरीब किसान रात रात जागकर आवारा पशुओं से बचा रहे हैं अपनी फसले फिर भी एक वक्त की रोटी नसीब नहीं हो पाती गरीब परिवार को।
प्रधानमंत्री का कहना है सबका साथ सबका विकास। वहीं ग्राम वासियों का कहना है सचिव, ग्राम प्रधान द्वारा हम ग्राम वासियों को सताया जा रहा हैं। एक तरफ सरकार द्वारा छोड़ी गई अन्ना मवेशियों से परेशान है हम ग्रामवासी वहीं दूसरी तरफ ग्राम प्रधान की दबंगई से नहीं मिल पा रहा है ग्राम वासियों का हक!

ग्रामीणों की शिकायत पर जब हमारे संवाददाता ने गांव में जाकर स्थित का जायजा लिया तो मामला प्रकाश में आया

जिसमें लगभग एक दर्जन मृतकों के नाम से दिए गए शौचालय एवं कई लोग ऐसे हैं जो गांव के बाहर रह रहे हैं लेकिन पैसों के में प्रधान ने अपात्रों को ही पात्र बना डाला।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में डेढ़ सौ से अधिक लोग ऐसे हैं जिनको अभी तक ना तो शौचालय दिया गया है नाही किसी भी प्रकार की सुविधा का लाभ दिया गया है सिर्फ बंदरबांट के चलते अपने चहेतों को दे रहे हैं ग्राम प्रधान सरकारी योजनाओं का लाभ
आवास के नाम पर भी ग्राम प्रधान ने बंदरबांट करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है प्रत्येक व्यक्ति से ₹10000 से लेकर 20000 तक की वसूली एवं विधवा एवं वृद्धा पेंशन के नाम पर भी ग्रामीणों ने पैसे वसूलने का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री जी के स्वच्छ भारत अभियान की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे ग्राम पंचायत सचिव और प्रधान मामला है विकासखंड पुरवा के ग्राम पंचायत ऊंचगांव सानी का का यहां पर शौचालय योजना के अंतर्गत लगभग 35 से 40 लोगों का फर्जी पैसा निकाल कर ग्राम ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव द्वारा बंदरबांट किया गया गरीबों को उनके अधिकारों से वंचित रखा गया इस तरह प्रधानमंत्री जी के स्वच्छ भारत योजना के मंसा फेल होती दिखाई दे रही है।
ग्राम पंचायत ऊचगांव सानी विकासखंड पुरवा गरीबों के हक मार रहे दबंग ग्राम प्रधान सरकार के नियमों का कर रहे है उल्लंघन।
लेकिन ग्राम प्रधान व अधिकारी जिला मजिस्ट्रेट अधिकारी के आदेशों को ताक पर रखकर कर रहे हैं अभी भी अपनी मनमानी। अभी तक ग्राम प्रधान द्वारा कराए गए मानक के विपरीत कार्य और किए गए लाखों रुपए का बंदरबांट की अभी तक जांच नहीं हुई है। ग्राम प्रधान की दबंगई से स्वच्छ भारत मिशन को दिखा रहा है ठेंगा यहां के ग्रामीण सरकार द्वारा दिए जाने वाली योजनाओं से अभी भी पूरी तरह से हैं वंचित। जिलाधिकारी को संज्ञान में लेते हुए ऐसे दबंग ग्राम प्रधान पर जांच और कार्रवाई के आदेश देने चाहिए।