संवाददाता/आकाश चौधरी

कानपुर/बन मिसाल इंसान की, कर्म साधना धार प्रेम एकता बाँट कर मानवता व्यवहार यह लाइन की पंक्तिया मो.जमील पर सठीक बैठती है।जहाँ पूरे देश में कोरोना वायरस को रोकने के लिए लॉकडाउन के एलान से कई लोगों को भोजन की बड़ी दिक्कत हो गई है।कामकाज बंद होने से कई लोगों की कमाई बंद हो गई है। इसके चलते उनके पास खाने के लिए भी पैसे नहीं हैं। ऐसे लोगों की मदद के लिए कई लोग आगे आ रहे हैं। वे जरूरतमंद लोगों के लिए खाने-पीने का इंतजाम कर रहे हैं।

ऐसे में ही एक अध्यापक ऐसे भी हैं जो अपने खर्चे से भूखे लोगों को भोजन करा रहे हैं और उनका नाम है मो.जमील है।

*कौन है मो.जमील*

मो.जमील चमनगंज में निवास करते हैं वो बेसिक शिक्षा विभाग के कल्यानपुर ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय ईश्वरी गंज बिनौर में हेडमास्टर है के पद पर कार्यरत है।कोरोना वायरस लॉक डाउन के चलते विद्यालय बंद होने के बाद मो.जमील ने गरीबो और मजदूरो की सेवा करने की ठानी और मोहम्मद जमील ने भूखे लोगों को भोजन कराकर उनका पेट भरने का काम संभाला और उन्होंने अपनी टीम के साथ गरीब लोगों की मदद करने के लिए योद्धा बनकर मैदान में  उतर आए है।

*अपने पैसे से ला रहे रहे खाने का सामान*

इस मदद मैं सबसे बड़ी खूबी या है इन्होंने अपने पास अर्जित धन को बेसहारा व असहाय लोगों के पेट भरने में लगाने का प्रण किया।इनके साथ इनके टीम का भी पूरा सहयोग इनको मिलता है।मजबूर बेसहारा लोगो को दिन हो रात सूचना मिलने पर तुरंत राशन लेकर घर पहुँच जाते हैं।

लगातार लोगों को बांट रहे भोजन

मो.जमील से बात करने पर बताया गया कि यह रोजाना डेढ़ से 200 लोगों का पेट भरने का काम करते हैं।जरूरतमंद लोगों कोआटा,दाल,नमक,चावल,तेल,सब्जी आदि घर जाकर राहत सामग्री दे रहे है।