प्रयागराज। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2020 का बिगुल बजा दिया। इससे ग्रामीण क्षेत्र में एकाएक सियासत गर्म हो गई है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की घोषणा के बाद प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य के लिए दावेदार सक्रिय होने लगे हैं।

आरक्षण की हकीकत जानने के लिए कई सूरमा ब्लॉक मुख्यालय पर पहुंचने लगे हैं। अक्टूबर में मतदान व नवंबर में मतगणना होगी, जबकि दिसंबर में नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को शपथ दिलाई जाएगी। राजय निर्वाचन आयुक्त श्री अग्रवाल के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तिथियों की घोषणा करते ही गांव की गलियों से लेकर ब्लॉक मुख्यालय, तहसील मुख्यालय, जिला मुख्यालय तक हलचल तेज हो गई है। प्रधान पद के लिए गांव-गांव उम्मीदवारो ने तैयारी शुरू कर दी है। वर्तमान प्रधान भी अपनी कुर्सी बचाने के फेर में जुट गए हैं। ब्लॉक प्रमुख पद के दावेदार, वार्ड बीडीसी सदस्य को उतारने की गणित में उलझ गए हैं। *भाजपा, बसपा, सपा, कांग्रेस* सहित कई पार्टियों के लोग जिला पंचायत सदस्य की दौड़ में ताल ठोकने को तैयार हैं।

मंगलवार को पंचायत चुनाव की घोषणा होते ही सियासती बाजार अचानक गर्म हो गया है। हालांकि आरक्षण की तस्वीर अभी धुंधली है। लेकिन कुर्सी पर अपना कब्जा करने के लिए संभावित उम्मीदवार सक्रिय हैं। जिला पंचायत सदस्य एवं अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी के लिए सभी दलों के दिग्गज मैदान में दो-दो हाथ करने आ सकते हैं। ब्लाक के लिए दावेदार तैयार हैं। गौर करें कि *पंचायत चुनाव चार चरणों में होंगे* जिसके लिए *9, 13, 17 व 29 अक्टूबर* की तिथि तय की गई है। चुनाव की *मतगणना एक नवंबर* को होगी। जबकि *20 दिसंबर को प्रधान का कार्यकाल समाप्त होगा* हालाकि अभी यह तय नहीं है कि ब्लाक प्रमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव पूर्व की भांति या सीधे जनता से होगा। यह शासन ही तय करेगा। शासन शांतिपूर्वक और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए कमर कसने लगा हैं|

नीरज केसरवानी{स्वराज प्रकाश}
रिपोर्ट- टुडे इंडिया लाइव न्यूज़