प्रधानमंत्री के 14 दिसंबर को प्रस्तावित शहर दौरे से पहले अफसरों को गंगा में गिर रही नालियों की सुध आयी है जबकि बीते सप्ताह ही प्रमुख सचिव नगर विकास नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के महानिदेशक ने निरीक्षण में रानी घाट बस्ती की नालियों से गंगा में जा रहे गंदे पानी को देखकर नाराजगी जताई थी लेकिन कुछ नहीं हुआ इससे पहले भी नालियों को बंद कराने का मामला उठ चुका है मंगलवार को नगर अध्यक्ष त्रिपाठी के साथ डीएम विजय विश्वास पंत अटल घाट से पैदल के रास्ते रानी घाट पहुंचे और गंगा में गिर रही नालियों को बंद कराने के निर्देश दिए
मंगलवार को निरीक्षण में दिखा की रानी घाट और परमिया नाले से पहले गंगा में तमाम नालिया गिर रही है डीएम ने कहा कि नालियों को बंद कर उनका पानी पंपिंग स्टेशन तक भेजा जाए घाट की गंदगी भी जल्द साफ की जाए बस्ती में सामुदायिक शौचालय बनवाने को कहा इसके बाद शहर के नालों को बंद करने के अफसरों के दावों के विपरीत अभी नाले पूरी तरह से बंद नहीं हो पाए डी.एम और नगर आयुक्त को रानी घाट में गंदा पानी गंगा में जाता दिखा

इसी कड़ी में प्रधानमंत्री के दौरे से पहले गंगा टास्क फोर्स भी सक्रिय हो गई है टास्क फोर्स के सदस्यों ने मंगलवार सुबह वाजिदपुर में एयर फोर्स समेत अन्य नालों से निकलने वाले पानी के सैंपल लिए साथ ही यहां पर फैली गंदगी की मोबाइल से तस्वीरें खींची गंगा टाक्स फोर्स के सदस्यों की मुताबिक सैम्पल की रिपोर्ट आने पर पता चलेगा कि गंगा में कितने हानिकारक तत्व जा रहे है।