जगनेर ब्लॉक की ग्राम पंचायत बरगवां खुर्द के गांव बावरी में पीने के पानी से लेकर जर्जर आम रास्तों तक ग्रामीणों की बस एक ही चीख पुकार सुनाई देती है हमारा विकास कब होगा हमारा विकास कब होगा
ग्रामीणों की जीवन शैली देखकर लगता है कि गांव की बसावट का ढांचा ध्वस्त हो चुका है अतिक्रमण और बिना योजनाओं की सड़कों ने ग्रामीण विकास को अवरुद्ध कर दिया है
गांव बावड़ी में जब हमारे संवाददाता पहुंचे तो ग्रामीणों से बातचीत करने पर सामने आया कि यहां के लोग आज भी विकास के लिए तरस रहे हैं गांव में पानी की टंकी तो है लेकिन पीने के लिए पानी नहीं गांव में रास्ते तो हैं लेकिन निकलने के लिए कोई व्यवस्था नहीं टूटे-फूटे और कीचड़ भरे रास्तों से वहां पर पसरी गंदगी ने लोगों के जीवन को नर्क बना दिया है।
क्यों पत्रकार ने पूछा के आपके गांव प्रधान आप के विकास में सहयोगी नहीं होते क्या? तो गांव की एक औरत बसंती देवी अवरुद्ध कंठ से बोलो थी कि हमारा प्रधान तो मर गया।ग्रामीण अंचलों की इस वेदना को आखिर कब सुना जाएगा ।
गांव के अधिकतर लोगों को सरकार की विकास योजनाओं के बारे में कुछ भी पता नहीं है। परेशान होकर ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि आने वाले प्रधानी के चुनावों में वे मतदान का बहिष्कार करेंगे। ग्रामीण महेंद्र राधे महेश विनोद बाबू आदि ने बताया कि विकास के नाम पर लुभाने के लिए लोकतंत्र के सिपाही चुनावों के दौरान आते तो है लेकिन जीतने के बाद अपनी शक्ल नहीं दिखाते हैं। गांव के लोगों ने प्रशासन और सरकार से अपने गांव के विकास की गुहार की है कि इनकी मूलभूत सुविधाओं का लाभ दिलवाया जाए ।