जिसमें कलाकारों के द्वारा बहुत ही सुंदर तरीके से मंचन किया गया!
पेटल राजा व रावण बाणासुर संवाद के बाद
भगवान श्री राम ने धनुष का खंडन करके मिथिला नरेश की चिंता को दूर किया माता जानकी ने धनुष टूटने के पश्चात भगवान श्री राम को वरमाला पहनाई उसके बाद परशुराम का क्रोध देखकर जनता भावविभोर हो गई
मुख्य रूप से क्षेत्र पंचायत सदस्य श्री राजेश कुमार केसरवानी, महेश प्रशाद त्रिपाठी, मुन्ना पाल, मोहन लाल यादव,रामायण प्रसाद विश्वकर्मा, सतीश कुमार पांडेय ,हैदर अली, कैलाश लहरी,कमलेश केसरवानी, राजू कुशवाहा, गिरजा शंकर त्रिपाठी, बड़कू पाल,रामभवन विश्वकर्मा,नागेंद सिंह,हरिओम विश्वकर्मा, धीरज केसरवानी, रवि विश्वकर्मा, राहुल पाल,दारा यादव,लल्ला यादव, आदि रहे!