संवाददाता (शोभित पाण्डेय)

कानपुर। शहर में डेंगू का कहर कुछ इस कदर जारी है कि डेंगू से प्रतिदिन न जाने कितने लोगों की मौत हो चुकी है और न जाने कितने लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं। इन सबके पीछे स्वास्थ्य विभाग की भारी लापरवाही सामने आई है। वहीं एक 12 वर्षीय और एक 16 वर्षीय मासूम डेंगू की बीमारी से जंग हार गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

नौबस्ता क्षेत्र केअंतर्गत मंडी समिति के निकट के डी के एल शास्त्री इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य के के बाजपेई के 16 वर्षीय बेटे गणेश शंकर बाजपेई की भी डेंगू के कारण मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि दवा का छिड़काव न होने से डेंगू की बीमारी भारी मात्रा में फ़ैल रही है। जिस कारण गुरुवार देर रात 8 बजे के करीब 16 वर्षीय गणेश शंकर बाजपेई की मौत हो गई। वहीं वार्ड 87 की पार्षद मेनका सिंह सेंगर ने बताया कि कानपुर शहर में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही कई महीनों से देखने को मिल रही है। सरकार करोडों रुपए डेंगू की दवा का छिड़काव करने के लिए बजट तो देती है लेकिन यहाँ तो दवा छिड़काव के लिए  गाडी ही नहीं आती है और नाली की सफाई करने के लिए कोई सफाईकर्मी भी नहीं आता है। दवा छिड़काव न करने से डेंगू पर नियंत्रण नही हो पा रहा है। पार्षद मेनका सिंह सेंगर ने ये भी बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ऐसी ही लापरवाही रही तो न जाने कितने मासूम और नवयुवक डेंगू की बीमारी की भेंट चढ़ जाएंगे।

वहीं दूसरी तरफ बर्रा थाना अंतर्गत हरदेव नगर में राजमाता इंटर कॉलेज के पास रहने वाला 12 वर्षीय रामजी शर्मा पुत्र आशू शर्मा पिछले कुछ दिनों से बीमार था। परिजनों के अनुसार मृतक बच्चा डेंगू बीमारी से ग्रसित था। वहीं लंबी बीमारी के चलते 12 वर्षीय रामजी डेंगू की बीमारी से नही लड़ पाया और 31 अक्टूबर को सुबह उसकी मौत हो गई।