कानपुर (सुरेन्द्र कुमार राजपूत). शहर के डिप्टी पड़ाव में रहने वाले पत्रकार विजय गुप्ता के मर्डर का मामला और उलझता जा रहा है। बताया जा रहा है कि SHO रायपुरवा अगर मामले को हल्के में न लेते तो शायद ये दुखद घटना न होती। पुलिस के मुताबिक विजय गुप्ता का उसके बड़े भाई मनोज से दिवाली की रात में काफी झगड़ा हुआ था, जिस पर मनोज ने विजय गुप्ता को जान से मारने व शहर से गायब करने की धमकी दी थी। इस घटना की सूचना पत्रकार विजय गुप्ता ने तत्‍काल थाना रायपुरवा एसएचओ को दी थी, किंतु SHO का कहना था की यह विजय गुप्ता की मनगढ़ंत कहानी है।
अभी तक की छानबीन में प्रापर्टी को लेकर पारिवारिक विवाद की बात सामने आ रही है। परिजनों के मुताबिक 27 की दोपहर पत्रकार विजय गुप्ता ने रायपुरवा थाने में शिकायती पत्र देते हुए अपनी हत्या की आशंका जाहिर की थी। शिकायती पत्र देने के कुछ घंटे बाद ही विजय गुप्ता लापता हो गए। परिजनों ने देर रात्रि तक छानबीन की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। 29 अक्तूबर मंगलवार की दोपहर विजय गुप्ता की लाश उन्नाव जनपद के अचलगंज थाना एरिया में बदरका चौकी के लिए जाने वाले आजाद नगर मार्ग चौराहे से महज 300 मीटर की दूरी पर ग्राम जालीखेड़ा स्थित नहर पुलिया की खंती में पड़ा मिला। सूचना पत्रकार विजय गुप्ता के घर पहुंची तो कोहराम मच गया। घटना की जानकारी पुलिस को होते ही एसएसपी अनंत देव तिवारी ने तुरंत ही पूरी टीम उन्नाव भेज दिया और घटना की खुद ही निगरानी करने लगे।
देर रात्रि एसपी पूर्वी ने प्रेस कांफ्रेंस कर मीडिया को घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि विजय गुप्ता की हत्या उनके ही सगे भाइयों ने की है। दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एक आरोपी की तलाश की जा रही है। CCTV की फुटेज को भी खंगाला गया है। हत्या में उपयोग की जाने वाली कार को भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। अचलगंज थानाप्रभारी ने विजय गुप्ता की हत्या की बात को स्वीकारते हुए बताया कि कातिलों ने हत्या कहीं और की है लेकिन शव को उन्नाव में लाकर फेंका है। शव को कब्जे में लेने के बाद कानपुर पुलिस को सूचना दे दी गई है, देखने में लगता है कि सीने और सिर पर गोली मारी गई है।
चेत जाती पुलिस तो शायद बच सकते थे पत्रकार विजय गुप्ता 
बताते चलें पत्रकार विजय गुप्ता ने अपने ऊपर होने वाले हमले की आशंका को पहले से ही लिखित तौर पर पुलिस को बता दिया था। यदि पुलिस समय रहते घटना को गंभीरता से लेती तो शायद आज पत्रकार विजय गुप्ता हमारे बीच में होते। लेकिन कहीं ना कहीं पुलिस की लापरवाही भी इस घटना में सीधे तौर पर सामने आ रही है। यह कोई पहला और आखिरी मामला नहीं है इससे पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं जिसमें पुलिस की लापरवाही सामने आई है।