मध्यप्रदेश खण्डवा (चंद्रशेखर महाजन)

  • खण्डवा जिले की छेगाव जनपद कीभोजखेड़ी पंचायत का मामला।
  • खनिज अधिकारियों के साथ बड़े जिलाधिकारी की सहमति पूरे मामले में लगती है।
  • न्यायालय की अवमानना भी हो रहीं है।
  • वन विभाग जिसका कम्पारमेट नंबर u663 से 0 किलोमीटर की दूरी पर वन्य विभाग के नियमो को ताक में रखकर खनिज विभाग ने दी अनुमति।
    रसूखदार राकेश पिता कचरूमल बंसल द्वारा भोजाखेड़ी में खसरा नंबर 46 पर उत्खनन किया गया उत्खनन करने के बाद 46 नंबर को नाला बता दिया गया और खसरा नंबर 47 पर खनिज विभाग से मिलकर उत्खनन शुरू किया ।आश्चर्य तब हुआ जब छेगाव जनपद अध्यक्ष श्रीमती चिंतामन जगताप के द्वारा राष्ट्रपति प्रधानमंत्री उच्च न्यायालय एनजीटी मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखित शिकायत की ओर बताया गया कि राकेश कचरूमल बंसल के द्वारा खसरा नंबर 47 जो कि खेल मैदान था खेल मैदान को खनिज विभाग से कूटरचित दस्तावेज के आधार पर अनुमति लेकर खेल के मैदान पर अवैध उत्खनन किया जा रहा है।

खेल मैदान 10 लाख से अधिक लागत का मध्यप्रदेश शासन के द्वारा बनाया गया था।
ग्राम पंचायत के बगैर अनापत्ति प्रमाण पत्र के खनिज विभाग के द्वारा परमिशन देना खनिज विभाग को भी शंका के घेरे में लाता है।
खनिज माफिया के द्वारा खसरा नंबर 11989,1190 ,1214,पर अवैध खनन किया जा रहा है एवं खसरा नंबर 1191,1192,1193निजी भूमि पर लगे क्रेशर से माल गिट्टी निर्माण रेतनिर्माण से धुलकर जाने वाला पानी तालाब में जा रहा है ।जिससे जलीय जीवों को हानि हो रही है।
खनिज माफिया एनजीटी द्वारा लगी रोक को भी नही मान रहा है ।जनपद अध्यक्ष छेत्र की जनता राष्ट्रपति प्रधानमंत्री उच्चतम न्यायालय एनजीटी मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को शिकायत करने के बाद कारवाही का रास्ता देख रही है।