अब 2 साल से 18 साल के बच्चों को कोवैक्सीन का टीका लगाया जा सकेगा. DCGI से इसकी मंजूरी मिल गई है. भारत बायोटेक की कोवैक्सीन ने 18 साल से कम के बच्चों पर वैक्सीन का ट्रायल पूरा कर लिया है. इसमें सितंबर में फेज-2, फेज-3 का ट्रायल हो चुका है. इसका DCGI को सौंपा जा चुका है.

संभावित तीसरी लहर से पहले राहत की बात

कोवैक्सीन कोरोना टीके को बच्चों के लिए मंजूरी मिलना राहत की खबर भी है. क्योंकि कोरोना की संभावित तीसरी लहर में बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे डॉक्टर नरेश त्रेहान भी मानते हैं कि बड़ों की तरह ही बच्चों को भी टीका लगना चाहिए. मतलब उसमें भी उनको पहले कोरोना टीका लगना चाहिए जिनको संक्रमण होने खतरा ज्यादा है. त्रेहान ने भी कहा कि बच्चों को कोरोना टीका लग जाएगा तो स्कूल पूरी तरह से खोलने में आसानी होगी, पेरेंट्स और बच्चों का कोरोना के प्रति डर भी कम होगा.इससे पहले अगस्त में भारत ने जायडस कैडिला के कोरोना टीके को भी आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दी थी. यह पहली DNA बेस वैक्सीन है. यह वैक्सीन 12 से 18 साल के बच्चों को लगनी है.

 

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